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31.07.2026 08:53 AM
31 जुलाई को EUR/USD करेंसी पेयर में ट्रेड कैसे करें? शुरुआती लोगों के लिए आसान टिप्स और ट्रेड विश्लेषण

गुरुवार के ट्रेड की समीक्षा:
EUR/USD का 1 घंटे का चार्ट

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EUR/USD करेंसी पेयर ने गुरुवार के ट्रेडिंग सत्र के दौरान अपनी ऊपर की ओर बढ़त (तेजी) जारी रखी, जिसके पीछे कई स्पष्ट और मजबूत कारण रहे।

सबसे पहले, फेडरल रिजर्व (Fed) ने अपने रुख से करेंसी मार्केट को निराश किया, क्योंकि उसका रुख उतना आक्रामक (हॉकिश) नहीं था जितनी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि फेड 2026 में ब्याज दरें बढ़ाने के लिए तैयार दिख रहा है, लेकिन इस संभावना को लेकर बाजार में हर हफ्ते संदेह बढ़ता जा रहा है।

दूसरे, जर्मनी, यूरोजोन और अमेरिका के प्रमुख GDP (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों ने स्पष्ट रूप से यूरो करेंसी का समर्थन किया। अगर इनमें से एक रिपोर्ट डॉलर के पक्ष में होती और दो यूरो के पक्ष में, तो शायद यूरो में इतनी मजबूत बढ़त देखने को नहीं मिलती। लेकिन तीनों ही आर्थिक संकेतक यूरो के पक्ष में रहे।

तीसरे, जुलाई में जर्मनी की महंगाई (Inflation) उम्मीदों से अधिक रही, और आज आने वाले यूरोजोन के महंगाई आंकड़ों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिल सकता है। इस स्थिति में यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) सितंबर में मौद्रिक नीति को और सख्त करने (ब्याज दर बढ़ाने) का दूसरा कदम उठा सकता है।

इसके विपरीत, फेडरल रिजर्व (Fed) अभी भी इंतजार करने और यह उम्मीद करने की रणनीति अपना रहा है कि महंगाई अपने आप कम हो जाएगी।

EUR/USD का 5 मिनट का चार्ट

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5 मिनट के टाइम फ्रेम पर EUR/USD का विश्लेषण

5 मिनट के टाइम फ्रेम पर इस जोड़ी ने दो अच्छे ट्रेडिंग सिग्नल बनाए, जिनका फायदा शुरुआती ट्रेडर्स उठा सकते थे। अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र के दौरान, कीमत ने 1.1461-1.1474 के क्षेत्र को तोड़ दिया, जिससे लॉन्ग पोजीशन (खरीदारी) खोलने का अवसर मिला। एक घंटे के अंदर कीमत 1.1527-1.1531 के क्षेत्र तक पहुंच गई, जहां ट्रेडर्स मुनाफा सुरक्षित कर सकते थे।

इस क्षेत्र से कीमत के वापस नीचे आने (बाउंस) पर शॉर्ट पोजीशन (बिकवाली) खोली जा सकती थी, लेकिन कीमत में मजबूत गिरावट नहीं आई, इसलिए यह ट्रेड ब्रेकईवन (न लाभ न हानि) पर बंद हो गया।

शुक्रवार को ट्रेड कैसे करें:

घंटे के टाइम फ्रेम पर कीमत उस साइडवेज चैनल (एक सीमित रेंज) से बाहर निकल चुकी है, जिसमें यह लगभग एक महीने से ट्रेड कर रही थी। हाल के महीनों में हुई सभी वैश्विक घटनाओं को देखते हुए, हमारा मानना है कि यूरो करेंसी में अब एक मजबूत बढ़त शुरू होनी चाहिए।

हालांकि, हाल के समय में बाजार ने यूरो के पक्ष में जाने वाले लगभग सभी कारकों को नजरअंदाज किया है, इसलिए अब एक "कंसोलिडेशन (स्थिरीकरण)" शुरू हो सकता है, जिससे करेंसी पेयर का भाव अपने उचित स्तर (Fair Value) तक पहुंच सकता है।

शुक्रवार को शुरुआती ट्रेडर्स नई शॉर्ट पोजीशन खोल सकते हैं, जिसका लक्ष्य 1.1461-1.1474 क्षेत्र होगा, क्योंकि कीमत 1.1527-1.1531 क्षेत्र से वापस नीचे आई है।

नई लॉन्ग पोजीशन तब खोली जा सकती हैं जब कीमत 1.1527-1.1531 क्षेत्र को पार कर जाए। इसका लक्ष्य 1.1584-1.1594 क्षेत्र होगा।

5 मिनट के चार्ट पर महत्वपूर्ण स्तर:

  • 1.1267-1.1275
  • 1.1366-1.1377
  • 1.1461-1.1474
  • 1.1527-1.1531
  • 1.1584-1.1594
  • 1.1655-1.1666
  • 1.1745-1.1754

शुक्रवार को यूरोजोन की महंगाई (Inflation) रिपोर्ट जारी होने वाली है, और यह भी अनुमान से अधिक आ सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यूरो की बढ़त जारी रह सकती है, क्योंकि इससे ECB (यूरोपीय सेंट्रल बैंक) की दूसरी बार मौद्रिक नीति को सख्त करने (ब्याज दर बढ़ाने) की संभावना और मजबूत हो जाएगी।

ट्रेडिंग सिस्टम के मूल नियम:

  • किसी सिग्नल की ताकत इस बात से निर्धारित होती है कि उसे बनने में कितना समय लगा (बाउंस या ब्रेकआउट)। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना मजबूत माना जाएगा।
  • यदि किसी स्तर पर गलत सिग्नल के कारण दो या उससे अधिक ट्रेड खोले गए हैं, तो उस स्तर से मिलने वाले सभी अगले सिग्नल को नजरअंदाज करना चाहिए।
  • साइडवेज मार्केट (Flat Market) में कोई भी करेंसी पेयर कई गलत सिग्नल दे सकता है या बिल्कुल भी सिग्नल नहीं दे सकता। ऐसे समय में तकनीकी स्तरों को नजरअंदाज किया जा सकता है।
  • घंटे के टाइम फ्रेम पर MACD इंडिकेटर के सिग्नल का उपयोग केवल तभी करना चाहिए जब बाजार में अच्छी वोलैटिलिटी हो और ट्रेंड लाइन या चैनल ट्रेंड की पुष्टि कर रहा हो।
  • यदि दो स्तर एक-दूसरे के बहुत करीब हों (5 से 20 पिप्स के अंदर), तो उन्हें एक ही सपोर्ट या रेजिस्टेंस क्षेत्र माना जाना चाहिए।
  • जब कीमत सही दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो Stop Loss को ब्रेकईवन स्तर पर ले जाना चाहिए।

चार्ट पर क्या दिखाया गया है:

  • सपोर्ट और रेजिस्टेंस के मूल्य स्तर (क्षेत्र) — ये लॉन्ग या शॉर्ट पोजीशन खोलने के लक्ष्य या ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत होते हैं।
  • लाल लाइनें — ये चैनल या ट्रेंड लाइन को दर्शाती हैं, जो वर्तमान ट्रेंड और ट्रेडिंग की पसंदीदा दिशा दिखाती हैं।
  • MACD इंडिकेटर (14,22,3) — इसमें हिस्टोग्राम और सिग्नल लाइन शामिल होती हैं। यह एक सहायक इंडिकेटर है, जिसका उपयोग ट्रेडिंग सिग्नल के लिए किया जा सकता है।
  • महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्ट (जो न्यूज कैलेंडर में होती हैं) करेंसी पेयर की दिशा पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए इनके जारी होने के समय बहुत सावधानी से ट्रेड करना चाहिए या अचानक उलटफेर से बचने के लिए बाजार से बाहर रहना बेहतर होता है।

शुरुआती Forex ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण बात:

शुरुआती ट्रेडर्स को याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता। लंबे समय तक सफल ट्रेडिंग के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाना और सही मनी मैनेजमेंट (धन प्रबंधन) का पालन करना बहुत जरूरी है।

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