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GBP/USD मुद्रा जोड़ी ने बुधवार को कोई खास या दिलचस्प मूवमेंट नहीं दिखाया। पूरे दिन यह केवल साइडवेज़ (Sideways) दायरे में कारोबार करती रही और वोलैटिलिटी (अस्थिरता) बेहद कम रही।
याद रखें कि पिछले एक सप्ताह में ब्रिटिश पाउंड में काफी बड़ी गिरावट आई है, जिसे हम इससे पहले हुई तीन सप्ताह की तेजी के मुकाबले एक करेक्शन (Correction) मानते हैं।
हालांकि, कल ही वह दिन था जब ब्रिटिश मुद्रा लगभग स्थिर रही और उसी दिन पाउंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण रिपोर्ट—महंगाई (Inflation) रिपोर्ट—जारी हुई।
ब्रिटेन का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) जून महीने में घटकर 2.6% रह गया, जो बाजार के अनुमान से कम था।
कम महंगाई का मतलब है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) के लिए अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक आसान (Easing) बनाने की संभावना बढ़ जाती है, जो स्वाभाविक रूप से ब्रिटिश पाउंड के लिए नकारात्मक (Bearish) है।
लेकिन इसके बावजूद कल पाउंड में न तो कोई गिरावट आई और न ही कोई महत्वपूर्ण मूवमेंट देखने को मिला।
इसके पीछे दो संभावनाएं हो सकती हैं:
हमारा मानना है कि दोनों ही कारणों ने अपनी भूमिका निभाई।
तकनीकी दृष्टि से, ब्रिटिश पाउंड अभी भी 1 घंटे (Hourly) टाइमफ्रेम पर गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है। इसे संभवतः 4 घंटे (4H) टाइमफ्रेम के अपट्रेंड के खिलाफ एक करेक्शन माना जा सकता है।
ट्रेंड लाइन अभी भी बेयर्स (विक्रेताओं) का समर्थन कर रही है, लेकिन यदि कीमत इसके ऊपर मजबूती से टिक जाती है, तो यह ट्रेंड रिवर्सल (Trend Reversal) का संकेत होगा।
इसके अलावा, कीमत अभी भी Ichimoku इंडिकेटर की लाइनों के नीचे स्थित है, जो गिरावट के ट्रेंड की पुष्टि करता है।
बुधवार को 5-मिनट चार्ट पर कीमत ने लगभग सभी संकेतों को नजरअंदाज कर दिया।
1.3369–1.3377 का क्षेत्र पूरे दिन में पांच बार टूटा/टेस्ट हुआ, लेकिन कोई अच्छा ट्रेडिंग सिग्नल नहीं बना।
पूरे दिन जोड़ी बेहद कम वोलैटिलिटी के साथ साइडवेज़ चलती रही और बाजार ने पाउंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण महंगाई रिपोर्ट को भी लगभग नजरअंदाज कर दिया।
ब्रिटिश पाउंड के लिए COT (Commitment of Traders) रिपोर्ट बताती है कि गैर-व्यावसायिक (Non-commercial) ट्रेडर्स पिछले कई महीनों से बाजार में बिक्री (Sell) की स्थिति में हावी रहे हैं।
नेट पोजीशन (Net Position) नकारात्मक बनी हुई है, हालांकि दीर्घकालिक (Long-term) तेजी का ट्रेंड अभी भी कायम है।
मध्य पूर्व की घटनाओं को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि जोखिम वाली मुद्राओं (Risk Currencies) की मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त हो चुका है, लेकिन संघर्ष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
निकट भविष्य में भू-राजनीतिक परिस्थितियां अमेरिकी डॉलर की मांग को समर्थन दे सकती हैं। हालांकि, हम तब तक GBP/USD जोड़ी में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं करते जब तक कीमत ट्रेंड लाइन के नीचे मजबूती से स्थिर (Consolidate) नहीं हो जाती।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने की संभावना बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां हैं। यह बात साप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
व्यापार युद्ध (Trade War) किसी न किसी रूप में लंबे समय तक जारी रह सकता है, और ट्रंप की नीतियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी मुद्रा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं।
दीर्घकालिक अपट्रेंड (Long-term Uptrend) अभी भी बरकरार है, जिसकी पुष्टि ट्रेंड लाइन से होती है। हाल ही में कीमत ने इस ट्रेंड लाइन को टेस्ट किया और वहां से उछाल (Bounce) लिया।
14 जुलाई की नवीनतम COT रिपोर्ट के अनुसार:
इसके परिणामस्वरूप, गैर-व्यावसायिक ट्रेडर्स की नेट पोजीशन में सप्ताह के दौरान 16,600 कॉन्ट्रैक्ट की वृद्धि हुई।
हालांकि, यह बदलाव पेशेवर ट्रेडर्स की कुल बाजार भावना (Overall Sentiment) पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं डालता।
1 घंटे के टाइमफ्रेम पर GBP/USD जोड़ी तीन सप्ताह की तेजी के बाद अभी भी करेक्शन (Correction) में चल रही है।
बाजार अभी भी भू-राजनीतिक कारकों को नजरअंदाज कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में हमने तकनीकी आधार पर तेजी देखी, जिसे अमेरिका के कमजोर महंगाई (Inflation) आंकड़ों का भी समर्थन मिला।
मौजूदा करेक्शन के बाद ब्रिटिश मुद्रा में दोबारा तेजी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि साप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम पर यह जोड़ी अभी भी एक क्षैतिज चैनल (Horizontal Channel) के भीतर कारोबार कर रही है।
इसके अलावा:
ये दोनों लाइनें भी संभावित ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत के रूप में काम कर सकती हैं।
यदि कीमत आपकी ट्रेड दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ती है, तो Stop Loss को Breakeven (एंट्री प्राइस) पर ले जाने की सलाह दी जाती है, ताकि गलत सिग्नल की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।
ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल निर्धारित करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
गुरुवार को ब्रिटेन और अमेरिका में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक घटना या बड़ी रिपोर्ट निर्धारित नहीं है।
हालांकि, इसी दिन यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की बैठक होगी, लेकिन इसका ब्रिटिश पाउंड पर सीधा प्रभाव बहुत सीमित होगा।
इसलिए आज बाजार में किसी बड़े या दिलचस्प मूवमेंट की संभावना कम है।
वर्तमान में 1.3369–1.3377 का क्षेत्र ट्रेडर्स द्वारा लगभग नजरअंदाज किया जा रहा है। इसलिए ट्रेडर्स के लिए बेहतर होगा कि वे ट्रेंड लाइन और Ichimoku इंडिकेटर की लाइनों के आधार पर निर्णय लें।
हालांकि, ध्यान रखें कि बुधवार को पूरे दिन 1.3369–1.3377 क्षेत्र को बाजार ने लगभग नजरअंदाज कर दिया था।